Navgrah Pida Ho to Karen ye Upay in hindi

Navgrah Pida Ho to Karen ye Upay in hindi

अगर नवग्रह पीड़ा (Navgrah Pida) हो तो करें ये उपाय – हिंदी में

नवग्रहों की अशुभ स्थिति जीवन में बाधाएं, रोग, आर्थिक संकट, विवाह में विलंब, नौकरी में रुकावट और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। अगर आपकी कुंडली में नवग्रह पीड़ा है, तो निम्नलिखित उपाय करके आप राहत पा सकते हैं:

1- सूर्य ग्रह के उपाय (अगर सूर्य अशुभ हो) रोज़ सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं।

“ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार जप करें।

लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़ और तांबा दान करें।

पिता का सम्मान करें।

2- चंद्र ग्रह के उपाय (अगर चंद्र अशुभ हो) चांदी का छल्ला या मोती धारण करें (ज्योतिषीय सलाह के बाद)।

सोमवार का व्रत करें।

“ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 11 बार जप करें।

माता का आदर करें और दूध-चावल का दान करें।

3- मंगल ग्रह के उपाय (अगर मंगल दोष हो) मंगलवार को हनुमान जी का पूजन करें।

“ॐ अंगारकाय नमः” या “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जप करें।

मसूर की दाल, तांबा, लाल वस्त्र का दान करें।

गुड़ और चने का प्रसाद बाँटें।

4-बुध ग्रह के उपाय (बुद्धि या वाणी की समस्या हो) बुधवार को हरे वस्त्र पहनें।

“ॐ बुधाय नमः” का 11 बार जप करें।

हरी मूंग, पत्तेदार सब्जियां, और धनिया का दान करें।

गौमाता की सेवा करें।

5- गुरु ग्रह के उपाय (शिक्षा या संतान संबंधी समस्या हो) पीले वस्त्र धारण करें।

“ॐ बृस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।

गुरुवार को व्रत रखें और पीली दाल, हल्दी, केले का दान करें।

गुरु, ब्राह्मण और बुजुर्गों का सम्मान करें।

6-शनि ग्रह के उपाय (कर्म, रोग, न्याय की समस्या हो) शनिवार को शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं।

“ॐ शं शनैश्चराय नमः” या शनि स्तोत्र का पाठ करें।

काली वस्तुएं जैसे काले तिल, काला कपड़ा, लोहे का दान करें।

निर्धनों को भोजन कराएं।

7-राहु के उपाय (भ्रम, धोखा, मानसिक पीड़ा हो) “ॐ रां राहवे नमः” का 108 बार जप करें।

नारियल, नीला वस्त्र, उड़द, सरसों का तेल का दान करें।

शनिवार को विशेष रूप से उपाय करें।

हनुमान जी की उपासना करें।

8-केतु के उपाय (आकस्मिक बाधा, फोड़े-फुंसी, डर) “ॐ कें केतवे नमः” का 108 बार जप करें।

कुत्तों को रोटी खिलाएं।

काले और सफेद तिल, कंबल का दान करें।

गणेश जी की आराधना करें।

सामान्य नवग्रह पीड़ा के उपाय नवग्रह स्तोत्र या नवग्रह चालीसा का नियमित पाठ करें।

हर शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।

रुद्राभिषेक या नवग्रह शांति हवन कराएं (विशेषज्ञ से)।

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