Yakshini Puja Vidhi in Hindi
यक्षिणी पूजा विधि (Yakshini Puja Vidhi in Hindi) एक तांत्रिक साधना है जो विशेष रूप से इच्छाओं की पूर्ति, सौंदर्य, वशीकरण, धन-संपत्ति और आकर्षण प्राप्त करने हेतु की जाती है। यह पूजा बेहद गुप्त एवं शक्तिशाली मानी जाती है और इसे केवल योग्य एवं शुद्ध साधकों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण चेतावनी:
यक्षिणी साधना अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील तांत्रिक क्रिया है।
बिना गुरु की अनुमति और मार्गदर्शन के इसे करना हानिकारक हो सकता है।
मानसिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर व्यक्ति को यह साधना नहीं करनी चाहिए।
यक्षिणी पूजा विधि (Yakshini Puja Vidhi in Hindi):-
- साधना का समय: रात्रि 12 बजे के बाद (मध्यरात्रि)
विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, नवदुर्गा, या दीपावली की रात
साधना का कुल काल – 11 दिन, 21 दिन या 41 दिन (साधना अनुसार)
- आवश्यक सामग्री: यक्षिणी यंत्र (सिद्ध या स्थापित):-
यक्षिणी का चित्र/मूर्ति
लाल या काले वस्त्र
लाल आसन
लाल पुष्प (गुड़हल, कमल)
दीपक (घी या तिल के तेल का)
धूप, अगरबत्ती
नैवेद्य (मिठाई, फल)
रक्त चंदन, सिंदूर, कुमकुम
रुद्राक्ष या चंदन की माला (108 मनकों की)
- पूजन विधि: स्थान की शुद्धि: पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें।
🪷 संकल्प: हाथ में जल लेकर संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य से यह साधना कर रहे हैं।
देवी का आह्वान: “ॐ यक्षिण्यै नमः” कहकर देवी को आमंत्रित करें।
मंत्र जप: यक्षिणी के विभिन्न प्रकार होते हैं – जैसे कि कमिनी यक्षिणी, मोहिनी यक्षिणी, भैरवी यक्षिणी, आदि। प्रत्येक का अलग मंत्र होता है।
उदाहरण स्वरूप कमिनी यक्षिणी मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं कमिनी यक्षिण्यै नमः॥
मंत्र का जाप प्रतिदिन कम से कम 108 बार (या 1008 बार) करें।
हवन (यदि करें): अंतिम दिन हवन करना शुभ होता है।
हवन सामग्री में गुग्गुल, कपूर, चावल, तिल, आदि डालें।
- साधना के नियम: ब्रह्मचर्य का पालन करें।
पूर्ण शुद्धता एवं नियम पालन आवश्यक है।
किसी को साधना के बारे में न बताएं।
साधना बीच में न छोड़ें।
- फल प्राप्ति के संकेत: सपने में यक्षिणी का दर्शन होना
आकस्मिक आकर्षण की वृद्धि
इच्छाओं की पूर्ति प्रारंभ होना
महत्वपूर्ण चेतावनी: यक्षिणी साधना अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील तांत्रिक क्रिया है। बिना गुरु की अनुमति और मार्गदर्शन के इसे करना हानिकारक हो सकता है। मानसिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर व्यक्ति को यह साधना नहीं करनी चाहिए।
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