Yakshini-Work-Mantra
यक्षिणी पूजा, विशेषकर असुरक्षित वातावरण में, सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाती है। यह पूजा मंत्र जाप, ध्यान और विशिष्ट अनुष्ठानों के साथ की जाती है.
1- कमिनी यक्षिणी .
कार्य: स्त्री/पुरुष आकर्षण, सौंदर्य, वशीकरण.
मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं कमिनी यक्षिण्यै नमः॥
2- मोहिनी यक्षिणी .
कार्य: आकर्षण, वशीकरण, प्रेम संबंध में सफलता .
मंत्र: ॐ नमः मोहिनी स्वाहा॥
3- रतिप्रिया यक्षिणी कार्य:
दांपत्य सुख, प्रेम-सम्बन्धों में मजबूती .
मंत्र: ॐ ह्रीं रतिप्रिये यक्षिण्यै नमः॥
4. वैश्य यक्षिणी
कार्य: धन प्राप्ति, व्यापार में सफलता
मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं वैश्य यक्षिण्यै नमः॥
5- भैरवी यक्षिणी .
कार्य: तांत्रिक शक्ति, भय से मुक्ति, दुश्मनों पर विजय .
मंत्र: ॐ भैरवी यक्षिण्यै स्वाहा॥
6. सिद्ध यक्षिणी.
कार्य: सभी सिद्धियाँ प्राप्त करना.
मंत्र: ॐ सिद्ध यक्षिण्यै नमः॥
7- चंचला यक्षिणी .
कार्य: तेज गति से कार्य सिद्ध करना, तुरंत फल .
मंत्र: ॐ चंचले यक्षिण्यै नमः॥
8- रम्भा यक्षिणी .
कार्य: सौंदर्य, नृत्य, कला में निपुणता .
मंत्र: ॐ रम्भायै यक्षिण्यै नमः॥
9- सुलोचना यक्षिणी .
कार्य: मनमोहक स्वरूप, समाज में आकर्षण .
मंत्र: ॐ सुलोचने यक्षिण्यै नमः॥
मालिनी यक्षिणी .
कार्य: सुंदरता, स्त्री आकर्षण .
मंत्र: ॐ मालिनी यक्षिण्यै नमः॥
साधना के दौरान मंत्र जप विधि:
रोज़ 108 या 1008 बार मंत्र का जाप करें।
माला: चंदन, रुद्राक्ष या काली हकीक
दिशा: उत्तर या पूर्व
आसन: लाल या काले रंग का
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